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November 10, 2019

एक मे दो heart touching story in hindi soch

  एक मे दो heart touching story in hindi soch.

       एक मे दो A heart touching story .

हेलो दोस्तो आपका स्वागत है hindi soch में  और मैं हु आपका दोस्त मुंगेरी ढालिया।
दोस्तो चंद्रबाबू और संचिता ने love marriage की थी।चंद्रबाबू एक डॉक्टर थे।उनकी पत्नी हाउसवाइफ थी।
चंद्रबाबू दाँत के डॉक्टर थे और अपने घर के पास ही उन्होंने एक छोटा सा क्लीनिक खोल रखा था।वो दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे और ये कहानी है उनके प्यार की निशानी सूर्या की जिसके एक शरीर मे दो लोग थे ।एक सूर्या दूसरा वंश।तो चलिए शुरू करते है।

सूर्या और वंश का जन्म

Hindi soch
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वैसे तो हर किसी के शरीर मे एक ही दिमाग होता है। लेकिन जब चंद्रबाबू ने संचिता की सोनोग्राफी करवाई तो उनको पता चला कि उनके जीवन मे जो बच्चा आने वाला है।
उसके अंदर दो दिमाग है।ये बात जब उनको पता चला तो वो बहुत ही चिंता में आ गए क्योकि कई बार जो ऐसे बच्चे होते है वो ज्यादा नही जी पाते । लेकिन उन दोनों ने उस बच्चे को इस संसार मे लाने को  सोचा।क्योकि भगवान के आगे इंसान कुछ भी नही।जब उस बच्चे का जन्म हुआ तो उसके पिता ने उसका नाम सूर्या रखा। लेकिन उनको ये नही पता था कि उनके जीवन मे आगे क्या होने वाला है।
वो बच्चा धीरे धीरे बड़ा होने लगा और सूर्या का दूसरा दिमाग भी हरकत में आने लगा।सूर्या बहुत ही शांत स्वभाव का था।आज वो 3 साल का हुआ और उसका प्लेस्कूल में पहला दिन था और टीचर ने सूर्या को कहा कि क्या तुम अपना लंच बॉक्स लाये हो।वो बड़े ही प्रेम से तुतलाती आवाज में बोला हां मै लाया हूं।
जब वो टीचर वहाँ से जाने लगी।तो सूर्या ने अपना लंचबॉक्स उसके ऊपर फेंक दिया।
टीचर को ये कुछ अजीब सा लगा क्योकि  सूर्या एक शांत स्वभाव का लड़का था। उसने कहा कि तुमने मुझ पर ये क्यो फेंका।उसने कहा मैने ये नही फेंका।टीचर ने उसका हाथ पकड़ा और जब चंद्रबाबू उसको लेने आये तब उसकी टीचर ने उसकी शिकायत की लेकिन सूर्या बोला कि पिताजी मैंने एहि किया।
ये बदलाव उसमे पहली बार दिखा था। उसके पिता ने इस बात पर गौर नही किया।और उसके बाद सूर्या ने ऐसा नहीं किया।
वो एकदम शांत स्वभाव का था।
अब वो 10 साल का हो गया था और वो अपनी क्लास में बैठा था।तो कुछ शरारती बच्चे उसको तंग करने लगे।वो बच्चे सभी बच्चों को तंग करते रहते थे।लेकिन सूर्या ने उनकी बातों का बुरा नही माना।लेकिन जब स्कूल की छुटी हुई तब सूर्या ने उन सबको बहुत मारा उन बच्चों ने सूर्या की शिकायत वहां के प्रिंसिपल से की ।प्रिंसिपल ने कहा कि क्या तुमने इन तीनो को मारा है।सूर्या बोला है मैने ही मारा है।ये सूर्या को तंग कर रहे थे और कोई सूर्या को तंग करता है तो मुझे अच्छा नही लगता।
ये सुनकर प्रिंसिपल ने कहा तुम ही तो सूर्या हो वो बोला मैं सूर्या नही वंश हु।
      आगे की कहानी अगले पार्ट में

Two in One a heart touching story.


Hello friends, welcome to hindi soch and I am your friend Mungeri Dhaliya.

Friends Chandrababu and Sanchita had a love marriage. Chandrababu was a doctor. His wife was a housewife.

Chandrababu was a dental doctor and kept a small clinic near his house. They both loved each other very much and this is the story of their love as a sign of Surya with two people in one body. One of them his name is surya and another one is vansh. So let's start.

Birth of Surya and vansh


By the way, everyone has only one mind in their body. But when Chandrababu got Sanchita's sonography done, he came to know that the child is going to come in his life.

He has two brains inside him. When he came to know about this, he became very worried because many times there are such children, they are not able to live much. But both of them thought of bringing that child into this world. Because there is nothing human before God. When that child was born, his father named him Surya. But he did not know what was going to happen in his life.

The child slowly grew up and Surya's second mind also started to move in action. Surya was very calm. Today he was 3 years old and he had his first day at the play school and the teacher asked Surya if you could take your lunch They have brought the box. They said in a tender voice with love, yes I have brought it.

When that teacher started leaving, Surya threw his lunchbox on him.

The teacher found it strange because Surya was a boy of a calm nature. He said why did you throw it at me. He said I did not throw it. The teacher grabbed his hand and when Chandrababu came to pick him up, his teacher complained to him but Surya said that father I did this.

This change was first seen in him. His father did not notice this and after that Surya did not do so.

He was of a very calm nature.

Now he was 10 years old and he was sitting in his class. So some mischievous children started harassing him. Those children used to harass all the children. But Surya did not mind his words. But when he missed school It was then that Surya beat them all. Those children complained about Surya to the principal there. The Principal said, "Have you beat these three? Suriya says I have beat . They were taunting Surya and I don't like if someone taunts Surya.

Hearing this, the principal said that you are the surya, he said that I am not the Surya I am vansh.

      Further story in next part




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